Monday, June 27, 2016

"civil engineer सिविल इंजीनियर " in Hindi?

Civil engineering is a professional engineering discipline that deals with the design, construction, and maintenance of the physical and naturally built environment, including works like roads, bridges, canals, dams, and buildings.

But do you know the history of Civil Engineering, well it is also called 'Mother of Engineering'.
Earlier there used to be only two types of engineering, one Military engineering for the army purpose, and other Civil engineeringfor the common people, for non-military purposes.
Civil engineering  is the oldest of the branches. Prior to the World Wars, there was only one branch of engineering,  and this engineer  was a "jack of all".  Mechanical, Electrical, Chemical engineers made an entry later to meet the needs of the times. The two World wars created the need for all these specialized disciplines. Today we have software engineers, hardware engineers etc. to meet the needs of the times, electrical engineer, Electronics engineer Etc.

There is no particular meaning as the word has been incorporated in its original form, and has become part of the विदेशी, or foreign category words.
However it can written in the possible forms:
Civil Engineer जनपद अभियंता
Civil Engineer सिविल इंजीनियर
Civil Engineer नागरिक अभियंता
Its a 4 year bachelor degree in which you'll learn every concepts of construction, execution, designing, planning, QS and Cost estimation, building bylaws, materials and equipments and it is not limited to these specific areas. You will learn about mechanics of solids, fluid and hydraulic engineering, irrigation and water resource engg and etc. You'll have to be quite good in calculations if you are opting for this industry. There are unlimited branches in this industry for your career options which you will know further after deep knowledge of this industry.

Thursday, June 2, 2016

Mechanical Engineering = यांत्रिक अभियान्त्रिकी or मकैनिकल इंजीनीयरिंग or यान्त्रिक अभियन्त्रणा

It's a great matter of surprise that lacks of students completes their engineering degree and they don't know the exact name of their stream in Hindi. So I am here to give you the answer of your question.

Simple Definition of mechanical engineering
: a type of engineering that is mainly concerned with the use of machines in industry

Full Definition of mechanical engineering
:  a branch of engineering concerned primarily with the industrial application of mechanics and with the production of tools, machinery, and their products

Technically, mechanical engineering is the application of the principles and problem-solving techniques of engineering from design to manufacturing to the marketplace for any object. Mechanical engineers analyze their work using the principles of motion, energy, and force — ensuring that designs function safely, efficiently, and reliably, all at a competitive cost.

यान्त्रिक अभियांत्रिकी (Mechanical engineering) तरह-तरह की मशीनों की बनावट, निर्माण, चालन आदि का सैद्धान्तिक और व्यावहारिक ज्ञान है। यान्त्रिक अभियांत्रिकी, अभियांत्रिकी की सबसे पुरानी और विस्तृत शाखाओं में से एक है। यान्त्रिक अभियांत्रिकी १८वीं शताब्दी में यूरोप में औद्योगिक क्रांति के दौरान एक क्षेत्र के रूप में उभरी है, लेकिन, इसका विकास दुनिया भर में कई हजार साल में हुआ है। १९वीं सदी में भौतिकी के क्षेत्र में विकास के एक परिणाम के रूप में यांत्रिक अभियांत्रिकी विज्ञान सामने आया।

Mechanical engineering is the discipline that applies the principles of engineering, physics, and materials science for the design, analysis, manufacturing, and maintenance of mechanical systems. It is the branch of engineering that involves the design, production, and operation of machinery. It is one of the oldest and broadest of the engineering disciplines.

Mechanical Engineering is the broadest of all engineering disciplines, encompassing areas such as energy, fluid mechanics, dynamics, combustion, vibration, design, manufacturing processes, systems modeling and simulation, mechatronics, robotics, mechanics of material, rapid prototyping and composites.

Mechanical engineering is one of the oldest branches of engineering, dating back to when the first wheels were put to practical use by mounting them on an axle to make a cart. Throughout recorded history, people have been inventing and building increasingly more sophisticated devices and machines in order to improve the conditions of life. Many of the machines we encounter every day — cars, appliances, tools and climate control systems — were made possible by mechanical engineers.

Mechanical engineering is a diverse subject that derives its breadth from the need to design and manufacture everything from small individual parts and devices (e.g., microscale sensors and inkjet printer nozzles) to large systems (e.g., spacecraft and machine tools). The role of a mechanical engineer is to take a product from an idea to the marketplace. In order to accomplish this, a broad range of skills are needed. The mechanical engineer needs to acquire particular skills and knowledge. He/she needs to understand the forces and the thermal environment that a product, its parts, or its subsystems will encounter; to design them for functionality, aesthetics, and the ability to withstand the forces and the thermal environment they will be subjected to; and to determine the best way to manufacture them and ensure they will operate without failure. Perhaps the one skill that is the mechanical engineer’s exclusive domain is the ability to analyze and design objects and systems with motion.

Computer in hindi is " अभिकल यंत्र = programmable machine" or Computer in hindi is "कम्प्यूटर" ?

Computer कम्प्यूटर क्या है?

कंप्यूटर (अन्य नाम - संगणककंप्यूटरपरिकलक) वस्तुतः एक अभिकलक यंत्र (programmable machine) है जो दिये गये गणितीय तथा तार्किक संक्रियाओं को क्रम से स्वचालित रूप से करने में सक्षम है। इसे अंक गणितीय, तार्किक क्रियाओं व अन्य विभिन्न प्रकार की गणनाओं को सटीकता से पूर्ण करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से निर्देशित किया जा सकता है. चूंकि किसी भी कार्य योजना को पूर्ण करने के लिए निर्देशो का क्रम बदला जा सकता है इसलिए संगणक एक से ज्यादा तरह की कार्यवाही को अंजाम दे सकता है।
कंप्यूटर शब्द का प्रथम प्रयोग वर्ष १६१३ में अंग्रेज लेखक रिचर्ड ब्रेथवेट की पुस्तक '"द यंग मैन ग्लीनिंग्स"' में पाया गया।

  1. हार्डवेयर (Hardware)
  2. सॉफ्टवेयर (Software)

1924 में अमेरिका में कम्प्यूटर बनाने वाली पहली कम्पनी इन्टरनेशनल बिजनेस मशीन कार्पोरेशन प्रारम्भ हुई, जो आज भी दुनिया की सबसे बड़ी कम्प्यूटर निर्माता कम्पनी है।

1943 में अमेरिका के हार्वर्ड विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञानी हावर्ड आइकन ने आई.बी.एम. के सहयोग से मार्क-I नामक विद्युत-यांत्रिक कम्प्यूटर बनाया। यह कम्प्यूटर 51 फुट लम्बा और 8 फुट ऊँचा था। इसमें 0.75 मिलियन अवयव लगे थे तथा एक हजार कि.मी. से अधिक लम्बे तार का उपयोग किया गया था। यह मात्र 5 सैकण्ड में दो 10-अंकीय संख्याओं को गुणा कर सकता था जो उस समय के लिए रिकार्ड था। इसमें 23 अंकों वाली दशमलव प्रणाली की 72 संख्याओं को संग्रह किया जा सकता था। इसमें पंच कार्डो के स्थान पर पंच पेपर टेप का उपयोग किया गया था।

कम्प्यूटर के विभिन्न भाग

कम्प्यूटर के मुख्यत: दो हिस्से होते हैं.

हार्डवेयर : कम्प्यूटर के भौतिक हिस्से जिन्हे हम देख या छू सकते हैं वो हार्डवेयर कहलाते हैं. ये भाग मशीनी (मैकेनिकल),इलेक्ट्रीकल (electrical) या इलेक्ट्रोनिक (electronic) हो सकते हैं. हर कम्प्यूटर का हार्डवेयर अलग अलग हो सकता है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि कम्प्यूटर किस उद्देश्य के लिये प्रयोग में लाया जा रहा है और व्यक्ति की आवश्यकता क्या है. एक कम्प्यूटर में विभिन्न तरह के हार्डवेयर होते है जिनमें मुख्य हैं.सी.पी.यू. (CPU), हार्ड डिस्क (Hard Disk) , रैम (RAM), प्रोसेसर (Processor) , मॉनीटर (Monitor) , मदर बोर्ड (Mother Board) ,फ्लॉपी ड्राइव आदि. इनकी हम विस्तार से चर्चा आगे करेंगें. कम्प्यूटर के केबल, पावर सप्लाई युनिट,की बोर्ड (Keyboard) , माउस (Mouse) आदि भी हार्डवेयर के अंतर्गत आते हैं. की बोर्ड , माउस , मॉनीटर , माइक्रोफोन , प्रिंटर आदि को कभी कभी पेरिफेरल्स (Peripherals) भी कहा जाता है.

सॉफ्टवेयर : कम्प्यूटर हमारी तरह हिन्दी या अंग्रेजी भाषा नहीं समझता.हम कम्प्यूटर को जो निर्देश देते हैं उसकी एक नियत भाषा होती है. इसे मशीन लैंग्वेज या मशीन की भाषा कहा जाता है. इसी मशीन की भाषा में दिये जाने वाले निर्देशों को प्रोग्राम (Program) कहते हैं. ‘सॉफ्टवेयर’ उन प्रोग्रामों को कहा जाता है, जिनको हम हार्डवेयर पर चलाते हैं और जिनके द्वारा हमारे सारे काम कराए जाते हैं बिना सॉफ्टवेयर के कम्प्यूटर से कोई भी काम करा पाना असंभव है.

मुख्यत: सॉफ्टवेयर दो प्रकार के होते हैं ।

1. सिस्टम सॉफ्टवेयर
“सिस्टम सॉफ्टवेयर” ऐसे प्रोग्रामों को कहा जाता है, जिनका काम सिस्टम अर्थात कम्प्यूटर को चलाना तथा उसे काम करने लायक बनाए रखना है.सिस्टम सॉफ्टवेयर की सहायता से ही हार्डवेयर अपना निर्धारित काम करता है. ऑपरेटिंग सिस्टम, कम्पाइलर आदि सिस्टम सॉफ्यवेयर के मुख्य भाग हैं ।
2. एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर
“एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर” ऐसे प्रोग्रामों को कहा जाता है, जो हमारे रोजमर्रा के कामों को कम्प्यूटर में अधिक तेजी और सरलता से करने में मदद करते हैं.आवश्यकतानुसार भिन्न-भिन्न उपयोगों के लिए भिन्न-भिन्न एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर होते हैं. जैसे लिखने के लिये, आंकड़े रखने के लिये, गाना रिकॉर्ड करने के लिये, वेतन की गणना, लेन-देन का हिसाब, वस्तुओं का स्टाक आदि रखने के लिये लिखे गए प्रोग्राम ही एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर हैं.